पेरियार राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभ्यारण्य केरल 

पेरियार राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभ्यारण्य - केरल

पेरियार राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभ्यारण्य केरल

पेरियार राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभ्यारण्य केरल में इडुक्की जिले में एक संरक्षित क्षेत्र है। यहां पर 925 किलोमीटर वर्ग क्षेत्र को संरक्षित किया है। जिसमें से 305 किलोमीटर वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को 1982 में पेरियार राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया है। यह उद्यान काफी बड़ा टाइगर रिजर्व और हाथी रिजर्व है। इस जंगल में हमें बाघ, हाथी, बायसन, सांभर जैसे प्राणी देखने को मिलते हैं। 

पेरियार राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभ्यारण्य - केरल

पेरियार राष्ट्रीय उद्यान में हम लाल रंगों के फूलों के बड़े-बड़े पेड़ देख सकते हैं। पार्क में एंट्री करने के बाद हम पेरियार लेक में बोट सवारी कर सकते हैं। 

यहां पर हमें दो प्रकार के बोट देखने को मिलते हैं। जिसमें से एक बड़ी बोट है और दूसरी स्पीड बोट है। यहां पर पर्यटक स्पीड बोट का काफी आनंद लेते हुए नजर आते हैं। बोट से लेक के अंदर जाने के बाद हम पेरियार लेक और पेरियार राष्ट्रीय उद्यान का सुंदर VIEW भी देख सकते हैं। 

बोट के जरिए जैसे जैसे हम आगे जाएंगे वैसे वैसे हमें सुंदर सुंदर पक्षियों के झुंड भी देखने को मिलते हैं। पेरियार लेक 26 किमी स्क्वेयर क्षेत्र में फैला है। अद्भुत और अनोखा यह पेरियार राष्ट्रीय उद्यान 305 किलोमीटर में फैला हुआ है। 

पेरियार राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभ्यारण्य - केरल

यहां पर बोट से हम आगे आएंगे तो हमें यहां पर लेक पैलेस होटल भी देखने को मिलेगा जिसमें हम चाय, नाश्ता, भोजन कर सकते हैं और यहां पर हमें फॉरेस्ट डिपार्टमेंट का गेस्ट हाउस देखने को मिलता है। 

पेरियार राष्ट्रीय उद्यान में हर साल लाखों पर्यटक आते हैं। यह उद्यान केरल में पर्यटकों के लिए टूर प्लान करने वालों केलिए सबसे आकर्षित स्थलों में से एक है। अगर आप केरल टूर प्लान कर रहे हो तो पेरियार राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारन्य जरूर विजिट करें।

पेरियार राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभ्यारण्य का इतिहास 

पेरियार राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभ्यारण्य - केरल

त्रावनकोर के महाराजा चिथिरा थिरुनल बलराम वर्मा द्वारा पेरियार के आसपास के जंगलों और चाय के बागानों का अतिक्रमण रोकने के लिए केरल में वन्यजीव और जैव विविधता संरक्षण की दिशा में पहली कार्रवाई 1934 में की गई थी। 1950 में भारत के एकीकरण के बाद वन्य जीव अभ्यारण के रूप में समेंकीत किया गया था। इसी जंगल को 1978 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया है।

पेरियार राष्ट्रीय उद्यान का भूगोल

पेरियार राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभ्यारण्य - केरल

पेरियार राष्ट्रीय उद्यान में सबसे ऊंची चोटी 6624 फीट ऊंची है। इसमें काफी ऊंचे ऊंचे पठार फैले हुए है। पेरियार और पंबा यह दोनों नदियां जंगलों से उत्पन्न होकर बहती है। 

राष्ट्रीय उद्यान के अंदर प्रमुख चोटियों से पचयारमाला, वेल्लीमाला, सुंदरमाला, चोक्कमपेटीमाला और करीमाला है। जंगल में पेरियार झील है जो 31 किलोमीटर क्षेत्र में है। यह बांध 1895 में बनाया गया था। इस बांध में सभी वन्य जीव पानी पीते हैं। पेरियार राष्ट्रीय उद्यान इलायची के पहाड़ियों के बीच एक पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है। 

पेरियार राष्ट्रीय उद्यान का जलवायु

यहां पर दिसंबर और जनवरी के महीनों में तापमान 15 डिग्री सेल्सियस होता है और अप्रैल और मई के महीनों में 31 डिग्री के आसपास होता है यहां पर हर साल 2500 से 3000 मिलीमीटर बारिश होती है। यहां पर नवंबर से जनवरी के महीनों में बहुत ज्यादा ठंड होती है।

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